Thursday, July 25, 2013

geography GK questions

Q. 1 निम्नलिखित मे से कौनसी ठंडी जलधारा नही है?
A. फाकलैंड धारा
B. वेंगुएला धारा
C. दक्षिणी अटलांटिक धारा
D. ब्राजील धारा
Correct Answer (D

Q. 2 सेल्टिक किस प्रजाति का उप समूह है-
A. कॉंकेशॉयड
B. मंगोलॉयड
C. नीग्रॉयड
D. अल्पेनॉयड
Correct Answer (A)

Q. 3 अटलांटिक महासागर मे उष्ण कटिबंध के समीप लवणता लगभग है -
A. 34%
B. 35%
C. 36%
D. 37%
Correct Answer (D)

Q. 4 विपरीत दिशाओ से तट के सहारे पदार्थ विस्थापन से एक नुकीली निक्षेपण- आकृति का निर्माण होता है जिसे कहते है-
A. अपतट भित्ति
B. अपतत श्रृग
C. अग्रवर्धी रोधिका
D. संयोजी भित्ति
Correct Answer (A)

Q. 5 जालीनुमा षट्‍कोणीय सिद्धांत का प्रतिपादन किया था-
A. लॉस ने
B. जोनासन ने
C. रेली ने
D. एच. सी. केरी ने
Correct Answer (A)

Q. 6 संसार का सबसे लम्बा जलमग्न केनियन है-
A. ओसनोग्राफर
B. बेरिंग
C. प्रिबिलॉफ
D. जेमचुग
Correct Answer (B

Q. 7 निम्नलिखित मे से कौन हिमपूर्व भू-आकृति है -
A. ड्र्मलिन
B. एस्कर
C. लैपीज
D. पल्सा
Correct Answer (D

Q. 8 नगर वर्गीकरण मे मात्रात्मक विधि का सर्वप्रथम प्रयोग करने वाला विद्वान है--
A. हैरीस
B. लॉस
C. रेली
D. डिकिन्सन
Correct Answer (A

Q. 9 महाद्वीपों के किनारे स्थित समतल शीर्ष वाले उत्थान खलाते है -
A. बैंक
B. शोल
C. भित्ति
D. इनमें से कोई नही
Correct Answer (A

Q. 10 \'सर्क\' एक फ्रांसीसी शब्द है जिसे स्कटलैंड मे कहते है-
A. कॉरिस
B. कोर
C. किम
D. कॉरी
Correct Answer (D

Saturday, July 6, 2013

भारत का भू गर्भिक इतिहास

भारत का भू गर्भिक इतिहास
भारत की भूगर्भीय संरचना को कल्पों के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प के दौरान बनी कुडप्पा और विंध्य प्रणालियां पूर्वी व दक्षिणी राज्यों में फैली हुई हैं। इस कल्प के एक छोटे काल के दौरान पश्चिमी और मध्य भारत की भी भूगर्भिक संरचना तय हुई। पेलियोजोइक कल्प के कैम्ब्रियन, ऑर्डोविसियन, सिलुरियन और डेवोनियन शकों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का निर्माण हुआ।

 मेसोजोइक दक्कन ट्रैप की संरचनाओं को उत्तरी दक्कन के अधिकांश हिस्से में देखा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस क्षेत्र का निर्माण ज्वालामुखीय विस्फोटों की वजह से हुआ। कार्बोनिफेरस प्रणाली, पर्मियन प्रणाली और ट्रियाजिक प्रणाली को पश्चिमी हिमालय में देखा जा सकता है। जुरासिक शक के दौरान हुए निर्माण को पश्चिमी हिमालय और राजस्थान में देखा जा सकता है।

टर्शियरी युग के दौरान मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और हिमालियन पट्टिका में काफी नई संरचनाएं बनी। क्रेटेशियस प्रणाली को हम मध्य भारत की विंध्य पर्वत श्रृंखला व गंगा दोआब में देख सकते हैं। गोंडवाना प्रणाली को हम नर्मदा नदी के विंध्य व सतपुरा क्षेत्रों में देख सकते हैं। इयोसीन प्रणाली को हम पश्चिमी हिमालय और असम में देख सकते हैं। ओलिगोसीन संरचनाओं को हम कच्छ और असम में देख सकते हैं। इस कल्प के दौरान प्लीस्टोसीन प्रणाली का निर्माण ज्वालमुखियों के द्वारा हुआ।


 हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियाई प्लेटों के प्रसार व संकुचन से हुआ है। इन प्लेटों में लगातार प्रसार की वजह से हिमालय की ऊँचाई प्रतिवर्ष 1 सेमी. बढ़ रही है।

भारत में वर्षा का वितरण


भारत में वर्षा का वितरण

अधिक वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ वार्षिक वर्षा की मात्रा 200 सेमी. से अधिक होता है। क्षेत्र- असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम, कोंकण, मालाबार तट, दक्षिण कनारा, मणिपुर एवं मेघालय।

 

साधारण वर्षा वाले क्षेत्र- इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा की मात्रा 100 से 200 सेमी. तक होती है। क्षेत्र- पश्चिमी घाट का पूर्वोत्तर ढाल,  पं. बँगाल का दक्षिणी- पश्चिमी क्षेत्र, उड़ीसा, बिहार, दक्षिणी-पूर्वी उत्तर प्रदेश इत्यादि।

 

न्यून वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ 50 से 100 सेमी. वार्षिक वर्षा होती है। क्षेत्र- मध्य प्रदेश, दक्षिण का पठारी भाग, गुजरात, कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी पँजाब, हरियाणा तथा दक्षिणी उत्तर प्रदेश।

 

अपर्याप्त वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ वर्षा 50 सेमी. से भी कम होती है। क्षेत्र- कच्छ, पश्चिमी राजस्थान, लद्दाख आदि।

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल,

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक शहर व स्थल

अहिछत्र - उ. प्र. के बरेली जिले में स्थिति यह स्थान एक समय पाँचालों की राजधानी थी।


आइहोल- यह स्थान कर्नाटक में स्थित है। इसकी मुख्य विशेषता चालुक्यों द्वारा बनवाए गए पाषाण के मंदिर हैं।

अजंता की गुफाएँ- यह स्थान महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इसमें 29 बौद्ध गुफाएँ मौजूद हैं। यह गुफाएँ अपनी चित्रकारी के  लिए प्रसिद्ध हैं। इनका काल 2 सदी ई. पू. से 7 शताब्दी ई. तक है।


अमरावती- यह ऐतिहासिक स्थल आधुनिक विजयवाड़ा के निकट स्थित है। सातवाहन वंश के समय में यह स्थान काफी फला-फूला।


अरिकामेडू- चोल काल के दौरान पाँडिचेरी के निकट स्थित समुद्री बंदरगाह।


बादामी या वातापी- कर्नाटक में स्थित यह स्थान चालुक्य मूर्तिकला के  लिए प्रसिद्ध है जो कि गुहा-मंदिरों में पाई जाती है। यह स्थान द्रविड़ वास्तुकला का उत्तम उदाहरण हैै।


चिदाम्बरम- यह स्थान चेन्नई के 150 मील दक्षिण में स्थित है और एक समय यह चोल राज्य की राजधानी थी। यहाँ के मंदिर भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से हैं और वे द्रविड़स्थापत्य व वास्तुकला का बखूबी प्रतिनिधित्व करते हैं।


बोध गया- यह स्थान बिहार के  गया जिले में स्थित है। इसी स्थान पर बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति किया था।


एलीफेंटा की गुफा- यह मुंबई से लगभग 6 मील की दूरी पर स्थित है। इसमें 7वीं व 8वीं शताब्दी की पत्थर को काटकर बनाई गई गुफाएँ स्थित हैं।


अयोध्या- यह आधुनिक फैज़ाबाद से कुछ दूरी पर स्थित है। यह कोसल राज्य की राजधानी थी और राम का जन्मस्थान यही है।


एलोरा गुफायें - यह स्थान महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसमें पत्थर को काटकर बनाई गईं 34 गुफाएं स्थित हैं।


फतेहपुर सीकरी-
यह स्थान आगरा से 23 मील की दूरी पर स्थित है। इसकी स्थापना 1569 में अकबर ने की थी। यहाँ पर 176 फीट ऊँचा बुलंद दरवाजा मौजूद है।


हड़प्पा- पाकिस्तान के पँजाब प्रांत के माँटगोमेरी जिले में स्थित यह स्थल हड़प्पा संस्कृति काल में एक प्रमुख शहर था।

हम्पी - कर्नाटक में स्थित यह स्थान मध्यकालीन युग में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।


आगरा- इस शहर की नींव लोदी वंश के बादशाह सिकंदर लोदी ने 1509 में रक्खी थी। बाद में मुगल सम्राटों ने इसे अपनी राजधानी बनाया। शाहजहाँ ने यहीं अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था।


अमृतसर- यहीं पर सिक्खों का पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर स्थित है। इसका निर्माण सिक्खों के चौथे गुरू रामदास ने करवाया था।


अवन्ति- पुराणों में अवन्तिका के नाम से प्रसिद्ध भारत का यह प्राचीन शहर 16 महाजनपदों में शामिल था।


इंद्रप्रस्थ- नई दिल्ली के निकट स्थित यह नगर महाभारत काल में कुरू राज्य की राजधानी थी।


उज्जयिनी- छठी सदी ई. पू. में यह शहर उत्तरी अवन्ति की राजधानी था।


कन्नौज- उत्तर प्रदेश में स्थित यह शहर हर्ष की राजधानी थी।


कन्याकुमारी- पद्मपुराण में वर्णित यह शहर भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित है।


कपिलवस्तु- नेपाल के तराई में स्थित इसी जगह में महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था

कांचीपुरम- वर्तमान में कांजीवरम के नाम से विख्यात यह प्राचीन नगर सात पवित्र नगरों में से एक है।


कुशीनगर- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित इसी स्थान पर महात्मा बुद्ध का महापरिनिïर्वाण हुआ था।


खजुराहो-
दसवीं से बारहवीं शताब्दी के मध्य चंदेल शासकों द्वारा निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध खजुराहों 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है।


गया- बिहार में स्थित इस नगर की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। यहीं पर बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त हुई थी।


जयपुर- 1721 में कछवाहा शासक सवाई जयसिंह ने इस नगर की स्थापना की थी।


झांसी- उत्तर प्रदेश का यह नगर रानी लक्ष्मी बाई की वजह से प्रसिद्ध है।


दौलताबाद- प्राचीनकाल में देवगिरि के नाम से विख्यात यह नगर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है। मुहम्मद बिन तुगलक ने इसे अपनी राजधानी बनाया था।


पाटलिपुत्र- बिहार स्थित पाटलिपुत्र वर्तमान में पटना के नाम से प्रसिद्ध है। यह मौर्र्यों की राजधानी थी।


पूणे- मराठा सरदार शिवाजी तथा उनके पुत्र शम्भाजी की राजधानी पूणे महाराष्ट्र का एक प्रमुख शहर माना जाता है।

पुरूषपुर- प्रथम शताब्दी ई.पू. में कनिष्क द्वारा स्थापित पुरूषपुर पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में स्थित है। इसे वर्तमान में पेशावर के नाम से जाना जाता है।


प्लासी- प्लासी 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुए युद्ध के लिए प्रसिद्ध है।


प्रयाग- तीर्थराज कहलाने वाला यह नगर गंगा-यमुना के संगम पर बसा है। प्राचीन काल से ही इस स्थली की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। बाद में अकबर ने इसका नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था।


बीजापुर- युसूफ आदिलशाह द्वारा स्थापित यह नगर कर्नाटक में स्थित है। यहां गोल गुंबज मुहम्मद आदिलशाह का मकबरा है।


भुवनेश्वर- वर्तमान समय में उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर प्राचीन समय में उत्कल की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध था। यहाँ के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।


माउंट आबू- दिलवाड़ा के जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध यह स्थान अरावली पर्वत पर स्थित है।

मथुरा- उत्तर प्रदेश में स्थित यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली होने की वजह से प्रसिद्ध है।


मामल्लपुरम- पल्लव नरेश नरसिंह वर्मन द्वारा चेन्नई के पास निर्मित यह नगर वर्तमान में महाबलीपुरम के रुप में विख्यात है। यहां के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।


विजयनगर- इस राज्य की नींव 1336 में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर व बुक्का द्वारा रखी गई थी।


श्रवणबेलगोला- कर्नाटक के हसन जिले में स्थित श्रवणबेलगोला जैन धर्म के मुख्य केेंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहां जैन तीर्र्थंकर बाहुबली की विशाल मूर्ति है।


सारनाथ- यह स्थान उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित है जहां बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।


कोणार्क- यह स्थान सूर्य मंदिर के लिए विख्यात है।


रामेश्वरम- तमिलनाडु में स्थित यह स्थान रामनाथ स्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।


मदुरै- पाण्ड्य राजाओं की राजधानी एवं तमिलनाडु में स्थित यह नगर मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।


भीतरगांव- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित यह स्थल गुप्तकालीन ईंटों से बने मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Monday, July 1, 2013

HTET JUNE 2013 PAPER 2 ANSWER KEY

  1. किस  सिन्धु शहर  के दो के तीन स्थान थे  -----  धॊलावीरा 
  2. भारतीय संविधान की आठवी अनुसूची में कितनी भाषायं अधिसूचित है -----  22
  3. किस प्रकरण में उचतम न्यायालय  ने मूल ढांचा सिधांत का सर्वप्रथम प्रतिपादन किया ------ गोलकनाथ प्रकरण 1967
  4. लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का भूभाग निर्धारित किया जाता है ----- राष्ट्रपति द्वारा 
  5. संविधान के किस भाग में कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को महत्व दिया गया है ------ प्रस्तावना 
  6. राष्ट्रपति सदस्य मनोनीत कर सकता है --------राज्यसभा और लोकसभा दोनों में 
  7. पुरापाषण  युग की अवधि है -------- 30,000 से  10,000 ई०  पू ० 
  8. किसका उदेश्य भारत को एक संघीय ढांचा प्रदान करना है -----भारत परिषद अधिनियम,1919 
  9. चोल राज्वंश  के प्रवर्तक थे --------आदित्य 
  10. भारत में चार बाग शेली के प्रवर्तक थे ------मुग़ल