Friday, August 9, 2013

lesson 4 rth notes


  • हडप्पा पुरास्थल की खोज 150 साल पहले जब पंजाब में पहली बार रेलवे लाइन बिछाई जा रही थी तब हुई जो अभी आधुनिक पकिस्तान में है, लगभग 80 साल पहले पुरातत्विदों ने इस स्थल को ढुंढा यह सबसे प्राचीन पुरास्थल है इन शरों का निर्माण लगभग 4700  साल पहले हुआ.
  •  हड़प्पा कालीन नगरों को मुख्यत 2 भागों में विभाजित किया गया है पश्चिमी भाग छोटा और ऊंचाई पर बना हुआ था ,जिसे पुरातत्विदों ने इसे नगर दुर्ग कहा है ,और पूर्वी भाग बड़ा तथा निचले हिस्से पर बना था जिसे निचला नगर कहा है। 
  • नगर दुर्ग में खास इमारते बनाई गई है जैसे मोहनजोदड़ों में खास तालाब बनाया गया था। जिसे पुरात्ताविदों ने महान्स्नानगर कहा है 
  • सोत्ककॊह  ,मोहनजोदड़ो ,सिन्धु नदी ,हद्दपा -आधुनिक  पाकिस्तान में हैं 
  • लोथल गुजरात में है.
  • सुरकोतदा  धोलावीरा चन्हुदड़ो ,गंवेरिवाला ,कालीबंगा -राजस्थान में है 
  • राखिगढ़ी -हरयाणा में  . 
  •  कालीबंगा और लोथल से अग्निकुंड  मिले हैं 
  • हड्ड्पा ,मोहनजोदड़ो ,और लोथल से बड़े-2 भंडार ग्रह  मिले हैं। 
  • मुहरों पर लिखने का काम लिपिक करते थे 
  • बांटो को चर्ट पत्थर से बनाया गया था। 
  • मनके कार्निलियन पत्थर से बनाये  गए थे। 
  • लगभग 7000 साल पहले मेहरगढ़ में कपास की खेती की जाती थी। 
  • फ़ेयन्स को क्रत्रिम पत्थेर से  तैयार किया जाता था
  • हड़प्पा के लोग  तांबे का आयात -राजस्थान (और पश्चिम एशियाई देश ओमान से  )
  • कांसे  बनाने की लिए तांबे में टिन का आयात ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था 
  • सोने का आयत कर्नाटक और बहुमूल्य पत्थर का आयात गुजरात ,ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था। 
  • कच्छ के इलाके में खदिर बेत के किनारे धोलावीरा बसा था यहाँ साफ़  पानी और जमींन उपजाऊ थी ,और यह तीन भागों में विभक्त था। 
  •  लोथल गुजरात की खम्बत की खाडि में मिलने वाली साबरमती उपनदी के किनारे पर बसा था। 
  • हड्डपा  सभ्यता का विनाश लगभग 3900  साल पहले हुआ। और लगभग 1400 या 2500  साल पहले नए नगरों का विकास हुआ 
  • दुनिया के इतिहास में शवों को दफनाने की परम्परा पर सबसे ज्यादा धन-दौलत कर्च किया जाता था। 

Thursday, August 8, 2013

lesson 3 notes


  • सूखी और पहाड़ी श़ेत्र में मवेशियों की तुलना में भेड़ और बकरी अधिक सहजतापूर्वक  जीवित रह सकते है। 
  • सबसे पहले कुत्ते के जंगली पूर्वज को पालतू बनाया गया था। 
  • लोगों द्वारा पोधे उगाने और जानवरों  की  देखभाल  करने की प्रक्रिया को बसने की प्रक्रिया का नाम दिया गया बसने की प्रक्रिया 12000  साल पहले श्हुरु हुई। 
  • पुरातत्विदों  को शुरुआती करषकों और पशुपालकों के होने के साक्ष्य मिले है जो निम्न हैं-
  • गेहूं ,जो,भेड़ ,बकरी ,मवेशी ----मेहरगढ़ (आधुनिक पाकीस्तान)
  • चावल,जानवरों की हड्डियों के टुकड़े---कोलडिहवा (आधुनिक उतर प्रदेश )
  •  चावल ,मवेशी (मिटटी पर खुरों के निशान )--म्हागढ़ा (आधुनिक उतर प्रदेश )
  • गेहूं और दलहन --गुफ्र्काल (आधुनिक कश्मीर )
  • गेहूं और दलहन,कुत्ते,मवेशी,भैंस ,भेड , बकरी --बुर्जहोम (आधुनिक कश्मीर )
  • गेहूं ,हरे जो ,भेस ,बैल -चिरोंद (आधुनिक बिहार )
  • ज्वार -बाजरा ,मवेशी,भेड,बकरी,सूअर -हल्लूर (आधुनिक आंध्रप्रदेश )
  • काला चना ,ज्वार -बाजरा,मवेशी-पय्याम्प्ल्ली (आधुनिक आंध्रप्रदेश ). 
  • बूरजहोम (वर्तमान कश्मीर )के लोग गडहे के निशे घेर बनाते थे जिसे ग्र्त्वास कहा जाता है। 
  • कर्षक और पशुपालक समूह में रहते थे जिसे जनजाति कहते है। 
  • मेहरगढ़ इरान जाने वाले सबसे महत्वपूरण रास्ते ,बोलन दर्रे के पास एक हरा भरा समतल स्थान है
  • मेहरगढ़ में चोकोर व् आयताकार घर के भी अवशेष मिले हैं। 
  •  दाओजली हेडिंग चीन और म्यन्मार की और जाने वाले रास्ते में ब्रहमपुत्र की घाटी की एक पहाड़ी पर हैं  यहाँ खरल व् मूस्ल जैसे पत्थरों के उपकरण मिले है ,यहाँ से जडाईट  पत्थेर भी मिला है  संभवत यह पत्थर चीन से आया होगा। 
  • न्वपाषण  युग के सबसे प्रसिद्ध पुरस्थ्लों में एक च्ताल ह्यूक भी है जो तुर्की में है यहाँ सीरिया से लाया गया चकमक पत्थर ,लाल सागर की कोडिया और भूमध्य सागर की सीपियाँ का प्रयोग भी किया जाता है 
  • मेहरगढ़ में बस्ती का आरम्भ लगभग 8000 साल पहले हुआ। 

Wednesday, August 7, 2013

5th lesson revision notes


  • वेद चार हैं -ऋग्वेद ,सामवेद ,यजुर्वेद ,अथेरवेद। 
  • सबसे प्राचीन  वेद -ऋग्वेद है -जिसकी रचना लगभग 3500 साल पहले हुई है. ,इसमें एक हजार से भी ज्यादा प्रार्थनाये हैं जिसे सुक्त कहते है -जिसका मतलब है अची तरह से बोला  गया,ये देव स्तुति में रचे गए हैं 
  • ऋग्वेद में तीन देवता ज्यादा म्ह्ताव्पुरण हैं -अग्नि,इन्द्र सोम। 
  • ऋग्वेद की भाषा प्राक संस्क्रत या वैदिक संस्क्रत कहलाती है। 
  •  संस्क्रत भाषा (भारत -यूरोपीय )भाषा परिवार का हिस्सा है 
  • पुर्वोतर प्रदेशों में तिब्बत-बर्मा परिवार की भाषा बोली जाती है। 
  • झारखण्ड व् मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में आस्ट्रो-एशियाटिक परिवार से जुडी है। 
  • ऋग्वेद में विश्वामित्र  ऋषि ने दो पूजित नदियों का उल्लेख किया है -(व्यास-सतलुज)
  • ऋग्वेद में लोगों का वर्गीकरण काम के आधार पर किया गया है। 
  • जनता या पुरे समुदाय के लिए जन और विश शब्दो का प्रयोग होता था। 
  • जिन लोगों ने प्रार्थनाओं की रचना की वे खुद को आर्य व् अपने विरोधियों को दास या दस्यु कहते थे। 
  • ऋग्वेद की रचना उपमहाद्वीप के उत्तेर -पश्चिम में हुई थी। 
  • महापाषान कब्रें बनाबे की प्रथा 3000 साल पहले शुरू हुई थी। यह प्रथा दक्कन ,दक्षिण भारत ,उत्तेर पूर्वी भारत और कश्मीर में प्रचलित थी.
  • इनामगाव भीमा की सहायक नदी घोड़ के किनारे की जगह है ,इस जगह पर 3600  से 2700 साल पहले कर्षक लोग रहते थे यहाँ मर्त लोगों का सर उत्तेर की और होता था। 
  •  लगभग 2000 साल पहले चरक ना के प्रशिध वैध ने चिकित्षा शास्त्र पर चरक संहिता नाम की किताब लिखी ,उनके अनुसार मानव शरीर में 360 हड्डिया  होती हैं। 
  • इनामगांव में पुरातत्विद को गेंहूँ,चावल,दाल,बाजरा,मटर और तिल के बीज मिले हैं। 
  • वेदों की रचना का प्रारंभ -3500 साल पहले हुआ। 

Tuesday, August 6, 2013

6th lesson 2 history revision notes


  • आखेटक खाद्य संग्राहक -भोजन का इंतजाम करने की एक विधि के आधार पर इस नाम से पुकारा जाता है  -वे जंगली जानवर का शिकार, मछली व् चिड़िया पकड़ना ,फल मूल ,दाने इकट्ठे करना का कम करते थे 
  •  आखेटक खाद्य संग्राहक पत्थेर हडियों व् लकड़ियों के ओजार बनाते थे। 
  • (भीमबेटका ,हुस्गी,कुर्नुल की गुफ्फओं  ) ये वे स्थान हैं जहाँ आखेटक खाद्य संग्राहक  के होने के प्रमाण मिले है। 
  • भीमबेटका आधुनिक मध्य प्रदेश में स्थित है। 
  • आवासीय पुरास्थल की गुफफाएं विन्ध्य व् दक्कन के पर्वतीय इलाकों में मिलती हैं। 
  • जहाँ लोग पत्थरों से ओजार बनाते थे उन स्थानों को उधोग स्थल कहते हैं। 
  • पुरास्थल - उस स्थान को कहते हैं जहाँ ओजार ,बर्तन व् एसी इमारते जैसी वस्तुओ के अवशेष मिले है इन वस्तुओं का निर्माण लोगों ने अपने काम के लिए किया और बाद में वहीँ छोड़ गये। 
  • पाषाण  ओजारो की  निर्माण- दो तरीके -1 पत्थेर से पत्थेर टकराना  ,2 दबाव शल्क तकनीक। 
  • आग की खोज -कुर्नुल गुफ्फाएं (आन्ध्र प्रदेश ) यहाँ से  राख के अवशेष मिले हैं.
  •  आरंभिक काल को पुरापाषाण काल(2 ०,००,०००,से 12  ,००० ) कहते थे। मानव इतिहास की 99 % घटनाये इसी काल की हैं. 
  • मेसोलिथ (मध्यापाषण )12000 से 10000 साल तक माना गया है। 
  • मिक्रोलिथ यानि लघुपाषान  (इस काल में हड्डियों या लकड़ियों के मुट्ठे  लगे हंसिया और आरी मिलते थे ). 
  • नवपाषण काल की शुरुआत 10000 साल पहले से होती हैं 
  • शैल चित्रकला -मध्य प्रदेश और दक्षिणी उतेर प्रदेश की गुफ्फओं में चित्र मिले हैं। 
  • भारत में शुतुरमुर्ग -भारत में पुरापाषान युग में शुतुरमुर्ग होते थे ,महाराष्ट्र के पटने से शुतुरमुर्ग के अन्डो के अवशेष मिले हैं 
  • अण्डों के छिलकों पर चित्रांकन भिओ मिलता है 
  • अण्डों से मनके भी बनाए  जाते थे। 
  • हुस्गी आधुनिक बंगलौर में स्थित है 

6 ncert history book 1st lesson revise notes

  • सुलेमान और किर्थेर की पहाड़ियां जहाँ लग्भग आठ हजार साल पहले गेहूं व् जो जसी फसलों का उपजाना आरम्भ हुआ .
  • विंध्य  पहाड़ियाँ (मध्य प्रदेश ) सबसे पहले चावल उपजाया गया (कोल्डीहवा )
  • सिन्धु और उसकी सहायक नदियाँ के किनारे नगरों का विकास 4700  वर्ष पूर्व नदी किनारे हुआ 
  • गंगा व् उसकी सहायक नदियों के किनारे नगरों का विकास 2500 वर्ष पूर्व हुवा 
  • सिन्धु की सहायक नदियाँ (सतलुज,व्यास, चेनाब,झेलम,रावी  )
  • गंगा के दक्षिण में नदियों के आस-पास का शेत्र मगध के नाम से जाना जाता था। 
  • पाण्डुलिपिया (अंग्रेजी में मैनुस्क्रिप्ट लैटिन शब्द मेनू )पांडूलिपियाँ  प्राय ताडपत्रो जो हिमालय शेत्र में उगने वाले भूर्ज पेड़ की छाल  पर लिखा जाता है  . 
  • पाण्डुलिपि लगभग 1000 साल पहले लिखी गयी थी 
  • पांडुलिपियाँ मंदिरों व् विहारों में प्राप्त होती हैं इनमे धार्मिक मान्यताओ ,व्यवहारों,राजाओं के जीवन ,ओषधियों तथा विज्ञानं आदि विषयों पैर मिलती हैं इनके अतिरिक्त यहाँ महाकाव्य ,कविता तथा नाटक भी हैं ये संस्कृत में लिखे हुआ मिलते है जबकि अन्य पराक्र्त और तमिल में हैं . 
  • लगभग 2500 वर्ष पूर्व अशोक का अभिलेख वर्तमान अफगानिस्तान के कंधार से मिला है जो अशोक के आदेश पर लिखा गया था। यह अभिलेख यूनानी व् अरामेंइक लिपियों में है। 
  • पुरातत्विद अतीत में बनी और प्रयोग लाइ गई वस्तुओं का अध्यन करता है (ईंट से बनी इमारतों ,चित्रों,मूर्तियों का अध्यन, ओजारों ,हथियारों ,बर्तनों, तथा सिक्कों की खुदाई भी करते हैं )
  • अभिलेखों में राजा रानियों के नाम को फ्रेम में लिखा जाता था जिसे कारतूस कहा जाता है 
  • कृषि का आरम्भ (8000 वर्ष पूर्व )
  • सिन्धु सभ्यता के प्रथम नगर (4700 वर्ष पूर्व )
  • गंगा घाटी के नगर,मगध का बड़ा राज्य (2500 वर्ष पूर्व )
  • वर्तमान नगर (लगभग 2000 वर्ष पूर्व )

Thursday, July 25, 2013

geography GK questions

Q. 1 निम्नलिखित मे से कौनसी ठंडी जलधारा नही है?
A. फाकलैंड धारा
B. वेंगुएला धारा
C. दक्षिणी अटलांटिक धारा
D. ब्राजील धारा
Correct Answer (D

Q. 2 सेल्टिक किस प्रजाति का उप समूह है-
A. कॉंकेशॉयड
B. मंगोलॉयड
C. नीग्रॉयड
D. अल्पेनॉयड
Correct Answer (A)

Q. 3 अटलांटिक महासागर मे उष्ण कटिबंध के समीप लवणता लगभग है -
A. 34%
B. 35%
C. 36%
D. 37%
Correct Answer (D)

Q. 4 विपरीत दिशाओ से तट के सहारे पदार्थ विस्थापन से एक नुकीली निक्षेपण- आकृति का निर्माण होता है जिसे कहते है-
A. अपतट भित्ति
B. अपतत श्रृग
C. अग्रवर्धी रोधिका
D. संयोजी भित्ति
Correct Answer (A)

Q. 5 जालीनुमा षट्‍कोणीय सिद्धांत का प्रतिपादन किया था-
A. लॉस ने
B. जोनासन ने
C. रेली ने
D. एच. सी. केरी ने
Correct Answer (A)

Q. 6 संसार का सबसे लम्बा जलमग्न केनियन है-
A. ओसनोग्राफर
B. बेरिंग
C. प्रिबिलॉफ
D. जेमचुग
Correct Answer (B

Q. 7 निम्नलिखित मे से कौन हिमपूर्व भू-आकृति है -
A. ड्र्मलिन
B. एस्कर
C. लैपीज
D. पल्सा
Correct Answer (D

Q. 8 नगर वर्गीकरण मे मात्रात्मक विधि का सर्वप्रथम प्रयोग करने वाला विद्वान है--
A. हैरीस
B. लॉस
C. रेली
D. डिकिन्सन
Correct Answer (A

Q. 9 महाद्वीपों के किनारे स्थित समतल शीर्ष वाले उत्थान खलाते है -
A. बैंक
B. शोल
C. भित्ति
D. इनमें से कोई नही
Correct Answer (A

Q. 10 \'सर्क\' एक फ्रांसीसी शब्द है जिसे स्कटलैंड मे कहते है-
A. कॉरिस
B. कोर
C. किम
D. कॉरी
Correct Answer (D

Saturday, July 6, 2013

भारत का भू गर्भिक इतिहास

भारत का भू गर्भिक इतिहास
भारत की भूगर्भीय संरचना को कल्पों के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प के दौरान बनी कुडप्पा और विंध्य प्रणालियां पूर्वी व दक्षिणी राज्यों में फैली हुई हैं। इस कल्प के एक छोटे काल के दौरान पश्चिमी और मध्य भारत की भी भूगर्भिक संरचना तय हुई। पेलियोजोइक कल्प के कैम्ब्रियन, ऑर्डोविसियन, सिलुरियन और डेवोनियन शकों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का निर्माण हुआ।

 मेसोजोइक दक्कन ट्रैप की संरचनाओं को उत्तरी दक्कन के अधिकांश हिस्से में देखा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस क्षेत्र का निर्माण ज्वालामुखीय विस्फोटों की वजह से हुआ। कार्बोनिफेरस प्रणाली, पर्मियन प्रणाली और ट्रियाजिक प्रणाली को पश्चिमी हिमालय में देखा जा सकता है। जुरासिक शक के दौरान हुए निर्माण को पश्चिमी हिमालय और राजस्थान में देखा जा सकता है।

टर्शियरी युग के दौरान मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और हिमालियन पट्टिका में काफी नई संरचनाएं बनी। क्रेटेशियस प्रणाली को हम मध्य भारत की विंध्य पर्वत श्रृंखला व गंगा दोआब में देख सकते हैं। गोंडवाना प्रणाली को हम नर्मदा नदी के विंध्य व सतपुरा क्षेत्रों में देख सकते हैं। इयोसीन प्रणाली को हम पश्चिमी हिमालय और असम में देख सकते हैं। ओलिगोसीन संरचनाओं को हम कच्छ और असम में देख सकते हैं। इस कल्प के दौरान प्लीस्टोसीन प्रणाली का निर्माण ज्वालमुखियों के द्वारा हुआ।


 हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियाई प्लेटों के प्रसार व संकुचन से हुआ है। इन प्लेटों में लगातार प्रसार की वजह से हिमालय की ऊँचाई प्रतिवर्ष 1 सेमी. बढ़ रही है।

भारत में वर्षा का वितरण


भारत में वर्षा का वितरण

अधिक वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ वार्षिक वर्षा की मात्रा 200 सेमी. से अधिक होता है। क्षेत्र- असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम, कोंकण, मालाबार तट, दक्षिण कनारा, मणिपुर एवं मेघालय।

 

साधारण वर्षा वाले क्षेत्र- इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा की मात्रा 100 से 200 सेमी. तक होती है। क्षेत्र- पश्चिमी घाट का पूर्वोत्तर ढाल,  पं. बँगाल का दक्षिणी- पश्चिमी क्षेत्र, उड़ीसा, बिहार, दक्षिणी-पूर्वी उत्तर प्रदेश इत्यादि।

 

न्यून वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ 50 से 100 सेमी. वार्षिक वर्षा होती है। क्षेत्र- मध्य प्रदेश, दक्षिण का पठारी भाग, गुजरात, कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी पँजाब, हरियाणा तथा दक्षिणी उत्तर प्रदेश।

 

अपर्याप्त वर्षा वाले क्षेत्र- यहाँ वर्षा 50 सेमी. से भी कम होती है। क्षेत्र- कच्छ, पश्चिमी राजस्थान, लद्दाख आदि।

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल,

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक शहर व स्थल

अहिछत्र - उ. प्र. के बरेली जिले में स्थिति यह स्थान एक समय पाँचालों की राजधानी थी।


आइहोल- यह स्थान कर्नाटक में स्थित है। इसकी मुख्य विशेषता चालुक्यों द्वारा बनवाए गए पाषाण के मंदिर हैं।

अजंता की गुफाएँ- यह स्थान महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इसमें 29 बौद्ध गुफाएँ मौजूद हैं। यह गुफाएँ अपनी चित्रकारी के  लिए प्रसिद्ध हैं। इनका काल 2 सदी ई. पू. से 7 शताब्दी ई. तक है।


अमरावती- यह ऐतिहासिक स्थल आधुनिक विजयवाड़ा के निकट स्थित है। सातवाहन वंश के समय में यह स्थान काफी फला-फूला।


अरिकामेडू- चोल काल के दौरान पाँडिचेरी के निकट स्थित समुद्री बंदरगाह।


बादामी या वातापी- कर्नाटक में स्थित यह स्थान चालुक्य मूर्तिकला के  लिए प्रसिद्ध है जो कि गुहा-मंदिरों में पाई जाती है। यह स्थान द्रविड़ वास्तुकला का उत्तम उदाहरण हैै।


चिदाम्बरम- यह स्थान चेन्नई के 150 मील दक्षिण में स्थित है और एक समय यह चोल राज्य की राजधानी थी। यहाँ के मंदिर भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से हैं और वे द्रविड़स्थापत्य व वास्तुकला का बखूबी प्रतिनिधित्व करते हैं।


बोध गया- यह स्थान बिहार के  गया जिले में स्थित है। इसी स्थान पर बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति किया था।


एलीफेंटा की गुफा- यह मुंबई से लगभग 6 मील की दूरी पर स्थित है। इसमें 7वीं व 8वीं शताब्दी की पत्थर को काटकर बनाई गई गुफाएँ स्थित हैं।


अयोध्या- यह आधुनिक फैज़ाबाद से कुछ दूरी पर स्थित है। यह कोसल राज्य की राजधानी थी और राम का जन्मस्थान यही है।


एलोरा गुफायें - यह स्थान महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसमें पत्थर को काटकर बनाई गईं 34 गुफाएं स्थित हैं।


फतेहपुर सीकरी-
यह स्थान आगरा से 23 मील की दूरी पर स्थित है। इसकी स्थापना 1569 में अकबर ने की थी। यहाँ पर 176 फीट ऊँचा बुलंद दरवाजा मौजूद है।


हड़प्पा- पाकिस्तान के पँजाब प्रांत के माँटगोमेरी जिले में स्थित यह स्थल हड़प्पा संस्कृति काल में एक प्रमुख शहर था।

हम्पी - कर्नाटक में स्थित यह स्थान मध्यकालीन युग में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।


आगरा- इस शहर की नींव लोदी वंश के बादशाह सिकंदर लोदी ने 1509 में रक्खी थी। बाद में मुगल सम्राटों ने इसे अपनी राजधानी बनाया। शाहजहाँ ने यहीं अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था।


अमृतसर- यहीं पर सिक्खों का पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर स्थित है। इसका निर्माण सिक्खों के चौथे गुरू रामदास ने करवाया था।


अवन्ति- पुराणों में अवन्तिका के नाम से प्रसिद्ध भारत का यह प्राचीन शहर 16 महाजनपदों में शामिल था।


इंद्रप्रस्थ- नई दिल्ली के निकट स्थित यह नगर महाभारत काल में कुरू राज्य की राजधानी थी।


उज्जयिनी- छठी सदी ई. पू. में यह शहर उत्तरी अवन्ति की राजधानी था।


कन्नौज- उत्तर प्रदेश में स्थित यह शहर हर्ष की राजधानी थी।


कन्याकुमारी- पद्मपुराण में वर्णित यह शहर भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित है।


कपिलवस्तु- नेपाल के तराई में स्थित इसी जगह में महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था

कांचीपुरम- वर्तमान में कांजीवरम के नाम से विख्यात यह प्राचीन नगर सात पवित्र नगरों में से एक है।


कुशीनगर- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित इसी स्थान पर महात्मा बुद्ध का महापरिनिïर्वाण हुआ था।


खजुराहो-
दसवीं से बारहवीं शताब्दी के मध्य चंदेल शासकों द्वारा निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध खजुराहों 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है।


गया- बिहार में स्थित इस नगर की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। यहीं पर बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त हुई थी।


जयपुर- 1721 में कछवाहा शासक सवाई जयसिंह ने इस नगर की स्थापना की थी।


झांसी- उत्तर प्रदेश का यह नगर रानी लक्ष्मी बाई की वजह से प्रसिद्ध है।


दौलताबाद- प्राचीनकाल में देवगिरि के नाम से विख्यात यह नगर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है। मुहम्मद बिन तुगलक ने इसे अपनी राजधानी बनाया था।


पाटलिपुत्र- बिहार स्थित पाटलिपुत्र वर्तमान में पटना के नाम से प्रसिद्ध है। यह मौर्र्यों की राजधानी थी।


पूणे- मराठा सरदार शिवाजी तथा उनके पुत्र शम्भाजी की राजधानी पूणे महाराष्ट्र का एक प्रमुख शहर माना जाता है।

पुरूषपुर- प्रथम शताब्दी ई.पू. में कनिष्क द्वारा स्थापित पुरूषपुर पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में स्थित है। इसे वर्तमान में पेशावर के नाम से जाना जाता है।


प्लासी- प्लासी 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुए युद्ध के लिए प्रसिद्ध है।


प्रयाग- तीर्थराज कहलाने वाला यह नगर गंगा-यमुना के संगम पर बसा है। प्राचीन काल से ही इस स्थली की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। बाद में अकबर ने इसका नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था।


बीजापुर- युसूफ आदिलशाह द्वारा स्थापित यह नगर कर्नाटक में स्थित है। यहां गोल गुंबज मुहम्मद आदिलशाह का मकबरा है।


भुवनेश्वर- वर्तमान समय में उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर प्राचीन समय में उत्कल की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध था। यहाँ के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।


माउंट आबू- दिलवाड़ा के जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध यह स्थान अरावली पर्वत पर स्थित है।

मथुरा- उत्तर प्रदेश में स्थित यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली होने की वजह से प्रसिद्ध है।


मामल्लपुरम- पल्लव नरेश नरसिंह वर्मन द्वारा चेन्नई के पास निर्मित यह नगर वर्तमान में महाबलीपुरम के रुप में विख्यात है। यहां के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।


विजयनगर- इस राज्य की नींव 1336 में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर व बुक्का द्वारा रखी गई थी।


श्रवणबेलगोला- कर्नाटक के हसन जिले में स्थित श्रवणबेलगोला जैन धर्म के मुख्य केेंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहां जैन तीर्र्थंकर बाहुबली की विशाल मूर्ति है।


सारनाथ- यह स्थान उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित है जहां बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।


कोणार्क- यह स्थान सूर्य मंदिर के लिए विख्यात है।


रामेश्वरम- तमिलनाडु में स्थित यह स्थान रामनाथ स्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।


मदुरै- पाण्ड्य राजाओं की राजधानी एवं तमिलनाडु में स्थित यह नगर मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।


भीतरगांव- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित यह स्थल गुप्तकालीन ईंटों से बने मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Monday, July 1, 2013

HTET JUNE 2013 PAPER 2 ANSWER KEY

  1. किस  सिन्धु शहर  के दो के तीन स्थान थे  -----  धॊलावीरा 
  2. भारतीय संविधान की आठवी अनुसूची में कितनी भाषायं अधिसूचित है -----  22
  3. किस प्रकरण में उचतम न्यायालय  ने मूल ढांचा सिधांत का सर्वप्रथम प्रतिपादन किया ------ गोलकनाथ प्रकरण 1967
  4. लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का भूभाग निर्धारित किया जाता है ----- राष्ट्रपति द्वारा 
  5. संविधान के किस भाग में कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को महत्व दिया गया है ------ प्रस्तावना 
  6. राष्ट्रपति सदस्य मनोनीत कर सकता है --------राज्यसभा और लोकसभा दोनों में 
  7. पुरापाषण  युग की अवधि है -------- 30,000 से  10,000 ई०  पू ० 
  8. किसका उदेश्य भारत को एक संघीय ढांचा प्रदान करना है -----भारत परिषद अधिनियम,1919 
  9. चोल राज्वंश  के प्रवर्तक थे --------आदित्य 
  10. भारत में चार बाग शेली के प्रवर्तक थे ------मुग़ल 

Friday, June 28, 2013

HTET JUNE 2013 PAPER 2 ANSWER KEY(TGT)


  1. अधिसंख्य  कुषाण  मुर्तिया प्राप्त हुई हैं     --- -- मथुरा से 
  2. शाहबाज़गढ़ी में अवस्थित अशोक के शिला लेख हैं ----   खरोष्ठी  लिपि में 
  3. भारतीय सविधान का मुख्य आधार है ------    भारत सरकार  अधिनियम 1935
  4. किसी राज्य के नाम में परिवर्तन किया जा सकता है ------ संसद द्वारा 
  5. वायुमंडल में तापमान गिरावट की दर होती है ------ प्रति 165 मीटर पर 1०  C
  6. प्रथ्वी की आयु है ----- 4.6 अरब वर्ष 
  7. कोण सा राज्य भारत का सर्वाधिक चांदी उत्पादक है ------ कर्नाटक 
  8. भारत में राष्टीय आय का अनुमान लगाता  है ------- केन्द्रीय संखिकी संगठन 
  9. जनगणना 2011 के अनुसार सर्वाधिक जनसँख्या वाले चार राज्य हैं ------ उतर प्रदेश ,महाराष्ट्र ,बिहार  पश्चिम बंगाल 
  10. कश्मीर को शेष भारत से जोड़ने वाला दर्रा है ------ बनिहाल दर्रा 
  11. रबी की फसल बोई जाती है ------    अक्टोबर  से नवम्बर  तक 
  12. मानव विसव सूचकांक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है --------- यूनेस्को द्वारा 
  13. अधिकांश ज्वालामुखी पाए  जाते है- -----प्रशांत महासागर में 
  14. प्राथमिक शेत्र में समिलित है ------- कृषि,वन लगाना,मछली व् मुर्गी पलना ,पशुपालन 
  15. भारत में सकल राष्ट्रिय उत्पाद में सबसे अधिक योगदान है -------- तर्तियक  शेत्र का